Monday, November 26, 2007

Concrete / कांक्रीट


आपस में सटकर फूटी कलियाँ 
एक दुसरे के खिलने के लिए, जगह छोड़ देती है

जगह छोड़ देती है गिट्टियां, 
आपस में चाहे जितना सटें
अपने बीच, अपने बराबर जगह
खाली छोड़ देती हैं

जिसमें भरी जाती है रेत

और रेत के कण भी
एक दुसरे को चाहे जितना भीचें
जितनी जगह खुद घेरते हैं
उतनी जगह अपने बीच खाली छोड़ देते हैं

कितनी महीन
और आपस में कितनी सटी हुई
लेकिन उसमें भी होती है खाली जगहें 
जिसमें समाता है पानी
और पानी में... खैर छोड़िये

इस तरह कथा कांक्रीट की बताती है
रिश्तों की ताक़त में
खाली जगहें छोड़ने 
और उन्हें - 
भरते चले जाने की अहमियत के बारे में

--- नरेश सक्सेना ---

CONCRETE (English Translation)

They leave space to bloom
In spite of being bonded together as buds

There is space left in between pebbles
In spite of being together
They leave equal space
In between them to breathe free

In which sand is filled up!

Each particle of sand
Leaves a space
Equal to what it really occupies
In between them

In these spaces are filled the concrete!

Bonded so tightly
Yet hold spaces
In which water accommodates oh, so easily

And water... let us just leave it

The power of relationship
To understand the importance
Always leaves a space
So the tale of concrete states!

Johnny D

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