Friday, January 14, 2011

कौन कितनी दूर तक साथ देगा (14th Jan 2011)

कौन कितनी दूर तक साथ देगा

राह में चलते-चलते मिल जाते है कई हमसफ़र

राह में, चलते-चलते, मिल जाते है कई हमसफ़र
कौन कितनी दूर तक साथ देगा
कौन, कितनी दूर तक साथ देगा
ये तो सफ़र में ही पता चलेगा...

हमें तो बस चलते चले जाना है
हमें, तो बस चलते चले जाना है
एक मंजिल से दूसरी की ओर...
जब तक की अंतिम टहराव न मिल जाये 
हमें तो बस चलते चले जाना है....

--- स्वरचित ---

चंद शेर (13th Jan 2011)

इतनी नफरत है इस जहान में मगर
इतनी, नफरत है इस जहान में मगर
एक छोटा सा आशियाना प्यार का
एक छोटा सा, आशियाना प्यार का
ये मिटा नहीं सकी इस जहान से अब तक... 

गुजर गए हैं सदियों नफरत की दुनिया में
गुजर गए हैं, सदियों नफरत की दुनिया में
जहाँ प्यार करना गुनाह समझा जाता है
गुनाहों के देवता को ये कोई कैसे समझाएं
कि नफरत ही तो प्यार की पहली सीढ़ी है 

*****     *****     *****
प्यार बदल जाता है नफरत में क्यों
चाह जब सबकी बस प्यार की है
प्यार बदल जाता है नफरत में क्यों
चाह जब सबकी बस प्यार की है

*****     *****     *****

न कर अपने साया का भी ऐतबार 'डी'
न जाने कब ये लुप्त हो जायेगा...

*****     *****     *****
'डी' ज़िन्दगी पल दो पल में सिमट जाएगी
मुस्कुराले खुल कर वर्ना मौत गले लगा लेगी

*****     *****     *****
चंद आँसूंओं की कीमत क्यों हम ग़म को बनाएं
चमकते मोती हैं ये 'डी',
चमकते, मोती हैं ये 'डी',
इन्हें आभूषण की तरह सजाएं तो बेहतर होगा

--- स्वरचित ---

Thursday, January 13, 2011

चंद शेर (13th Jan 2011)

न कर अपने साया का भी ऐतबार 'डी'
न जाने कब ये लुप्त हो जायेगा...

'डी' ज़िन्दगी पल दो पल में सिमट जाएगी
मुस्कुराले खुल कर वर्ना मौत गले लगा लेगी

चंद आँसूंओं की कीमत क्यों हम ग़म को बनाएं
चमकते मोती हैं ये 'डी',
चमकते, मोती हैं ये 'डी',
इन्हें आभूषण की तरह सजाएं तो बेहतर होगा

--- स्वरचित ---

Tuesday, January 11, 2011

WHEN YOU ARE NOT WITH ME (11th Jan 2011)

P.S: Missing Mamman ( I used to call her),
who adopted this orphan and showered
her selfless love & care...

WHEN YOU ARE NOT WITH ME

Thoughts hit like waves
As moments wash away 
Slipping away under my feet
Eyes searching the horizon
A glimmer of hope
Washes away within
As tears roll down the soft cheeks
I find your smile in tears

*********  ********* *********
Your absence is indeed haunting
Yet, I embrace it with fondness
Your presence by my side
The smile I would die for
I know you are missing 
This very special moment
How I cherish your company
Without you, with you!

*********  *********  *********
I often see you all around
Laughing, teasing and loving
Your open arms inviting
I want to reach out
You laugh, I am sad
Yet again, like a child
I embrace you
The gasp of air just gushes away

*********  *********  *********
In my heart
Deep within
Your engraved presence
Can never be erased
Beating every second
Your name sounds so beautiful
Yes, when you are not with me
It is such a beautiful experience!

Johnny D
20th May 2009

Monday, January 10, 2011

दोस्ती निभाना (11 Jan 2011)

दोस्ती निभाना

समय, मैं और मेरी तन्हाई
हम तीनो ने हरदम है दोस्ती निभाई
कभी समय और मैं, मेरी तन्हाई का मजाक उड़ाते
तो कभी मैं और मेरी तन्हाई समय का
ऐसा भी होता है कभी-कभी
जब समय और तन्हाई मिलकर मेरा मजाक उड़ाते
फर्क इन तीनो ही स्तिथि की ऐसी है कि
हम में से किसी ने भी न की कभी एक-दूसरे से बेवफाई
साथ रहे या फिर अलग-अलग
हम तीनो ने हरदम है दोस्ती निभाई

--- स्वरचित ---

दर्द

दर्द मिल जाये अगर तुमसे कभी
दर्द, मिल जाये अगर तुमसे कभी
तो कह देना निडर होकर उससे 'डी'
कि हमने अपने ग़मो को श्याही से पिरोहा है
आंसू तो वो बहाते हैं जिन्हें तन्हाई का खौफ है

--- स्वरचित ---

अर्ज़ करता हूँ... (10th Jan 2010)

अर्ज़ करता हूँ...

नींद आँखों में नहीं, सोने का प्रयास है!
रात ये ढलती नहीं, 'डी' नए सुबह की आस है!!

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हमारी तन्हाई से जुदा तो कर दिया तुमने मगर!
अब तुम ही कहो 'डी' हम जियेंगे किस के सहारे!!

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ज़िन्दगी में तन्हाई होती है कितनी निराली,
ज़िन्दगी में, तन्हाई होती है कितनी निराली!
जिसे चाहिए उसे मिलती नहीं कभी,
जिसे चाहिए, उसे मिलती नहीं कभी,
जिसे मिलती है, वो शून्य में खो जाता है!!

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तेरी मेहरबानियों से तो बेहतर ग़मों से भरी वो ज़िन्दगी थी हमारी!
हमने ऐ ज़िन्दगी कब तुझे महेरबान होने को कहा था!!

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बहक जाये ये ज़िन्दगी भी तो क्या,
बहक जाये, ये ज़िन्दगी भी तो क्या!
इस ग़म को मगर 'डी' बहलायेगा कौन?

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न कर ऐतबार 'डी' इस ज़िन्दगी का
न कर, ऐतबार 'डी' इस ज़िन्दगी का!
क्या पता कौन से पल में ये धोका दे जायेगा!!

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'डी' एक तू ही नहीं है, जो इस दुनिया में तन्हा है
हर शक्श जो ये दावा करते हैं साथ होने का,
हर शक्श, जो ये दावा करते हैं साथ होने का
तन्हा है दुनिया के इस मेले में
एक तेरा ही नहीं जो रोता है दिल 
एक तेरा ही नहीं, जो रोता है दिल 
दिखा मुझे एक दिल जो हँसता है हर पल ज़िन्दगी में
दर्द तो होगा 'डी', संभाल भी जायेगा तू वक़्त-ए-तन्हाई
दर्द तो होगा 'डी', संभाल भी जायेगा तू वक़्त-ए-तन्हाई
कुछ सीख ले अब भी इस दुनिया से 
नहीं तो इस मेले में धक्खा देनेवाले बहुत से हैं!!

--- स्वरचित ---